बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों का नई दिल्ली सम्मेलन: गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा व साइबर अपराध पर वैश्विक समन्वय का दिया संदेश
नई दिल्ली। भारत की राजधानी नई दिल्ली में बिम्सटेक (BIMSTEC) सदस्य राष्ट्रों के गृह मंत्रियों और आंतरिक सुरक्षा प्रमुखों के दो दिवसीय उच्चस्तरीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री निगरानी, आतंकवाद निरोध और सीमा पार साइबर अपराधों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच रियल-टाइम खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और मजबूत संस्थागत समन्वय का पुरजोर आह्वान किया।
गृह मंत्री ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि बंगाल की खाड़ी का क्षेत्र वैश्विक व्यापार और ऊर्जा परिवहन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री गलियारा है। इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और कानून का शासन बनाए रखना सभी सदस्य देशों का साझा दायित्व है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद, अवैध हथियारों का व्यापार, ड्रग्स की तस्करी और संगठित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराध किसी एक देश की सीमा तक सीमित नहीं हैं, इसलिए इनके समूल नाश के लिए बहुपक्षीय साझा रणनीति अनिवार्य है।
भारत ने सम्मेलन में एक साझा बिम्सटेक एंटी-टेरर एंड साइबर इंटेलिजेंस हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसमें अत्याधुनिक डिजिटल फॉरेंसिक और डेटा विश्लेषण तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए तटरक्षक बलों के संयुक्त गश्ती अभियानों और त्वरित प्रत्यर्पण संधियों पर भी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने सहमति व्यक्त की।
सम्मेलन में बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के गृह मंत्रियों और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। सभी देशों ने भारत के नेतृत्व और सहयोग की सराहना करते हुए घोषणा पत्र के मसौदे पर सैद्धांतिक सहमति जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच रणनीतिक सुरक्षा सेतु को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगी।
इस समाचार की अखबार कतरन (Newspaper Cutting)
बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों का नई दिल्ली सम्मेलन: गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा व साइबर अपराध पर वैश्विक समन्वय का दिया संदेश
नई दिल्ली। भारत की राजधानी नई दिल्ली में बिम्सटेक (BIMSTEC) सदस्य राष्ट्रों के गृह मंत्रियों और आंतरिक सुरक्षा प्रमुखों के दो दिवसीय उच्चस्तरीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री निगरानी, आतंकवाद निरोध और सीमा पार साइबर अपराधों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच रियल-टाइम खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और मजबूत संस्थागत समन्वय का पुरजोर आह्वान किया।
गृह मंत्री ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि बंगाल की खाड़ी का क्षेत्र वैश्विक व्यापार और ऊर्जा परिवहन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री गलियारा है। इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और कानून का शासन बनाए रखना सभी सदस्य देशों का साझा दायित्व है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद, अवैध हथियारों का व्यापार, ड्रग्स की तस्करी और संगठित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराध किसी एक देश की सीमा तक सीमित नहीं हैं, इसलिए इनके समूल नाश के लिए बहुपक्षीय साझा रणनीति अनिवार्य है।
भारत ने सम्मेलन में एक साझा बिम्सटेक एंटी-टेरर एंड साइबर इंटेलिजेंस हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसमें अत्याधुनिक डिजिटल फॉरेंसिक और डेटा विश्लेषण तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए तटरक्षक बलों के संयुक्त गश्ती अभियानों और त्वरित प्रत्यर्पण संधियों पर भी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने सहमति व्यक्त की।
सम्मेलन में बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के गृह मंत्रियों और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। सभी देशों ने भारत के नेतृत्व और सहयोग की सराहना करते हुए घोषणा पत्र के मसौदे पर सैद्धांतिक सहमति जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच रणनीतिक सुरक्षा सेतु को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगी।