त्योहारी सीजन में खुदरा महंगाई नियंत्रण व आवश्यक आपूर्ति पर केंद्र सरकार की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
मुंबई/नई दिल्ली। देश में आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पर्व के पावन त्योहारी मौसम को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने आवश्यक उपभोक्ता सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता और खुदरा मूल्यों को स्थिर बनाए रखने के लिए एक विशेष अंतर-मंत्रालयीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। केंद्रीय वाणिज्य, उद्योग एवं खाद्य मंत्रालय की संयुक्त बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ खाद्य सचिवों ने हिस्सा लिया।
बैठक में प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख कृषि उपजों, विशेषकर अरहर व चना दाल, चीनी, गेहूं और खाद्य तेलों का देश में पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने जमाखोरी और अनुचित मुनाफाखोरी को रोकने के लिए थोक व्यापारियों और स्टॉकिस्टों के लिए स्टॉक सीमा की दैनिक निगरानी के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही रियायती दरों पर 'भारत दाल' और 'भारत आटा' की खुदरा बिक्री के लिए मोबाइल वैन और केंद्रीय भंडारों की संख्या दोगुनी करने का निर्णय लिया गया है।
वहीं दूसरी ओर, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों से यह संकेत मिला है कि त्योहारी खरीदारी के शुरुआती पखवाड़े में ही डिजिटल यूपीआई (UPI) लेन-देन ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों में ग्रामीण बाजारों में उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र और आभूषणों की बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि संतुलित खुदरा महंगाई और मजबूत ग्रामीण मांग के चलते चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आर्थिक विकास दर को नई गति मिलेगी। उद्योग संगठनों ने सरकारी पहलों का स्वागत करते हुए उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धी मूल्यों पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है।