बिहार कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती अब राजकीय समारोह के रूप में मनेगी
पटना। बिहार सरकार ने राज्य के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती को आधिकारिक रूप से राजकीय समारोह के रूप में मनाने की ऐतिहासिक घोषणा की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मुख्य सचिवालय के कैबिनेट सभागार में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
कैबिनेट समन्वय विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बैठक के उपरांत संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि हर वर्ष 5 जुलाई को स्वर्गीय पासवान की जयंती पूरे राजकीय सम्मान के साथ मनाई जाएगी। पटना में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके अतिरिक्त पटना के उपयुक्त सार्वजनिक स्थल पर उनकी आदमकद कांस्य प्रतिमा स्थापित करने की योजना पर भी प्रशासनिक सहमति बन गई है।
बैठक में कुल 34 महत्वपूर्ण विकास प्रस्तावों को औपचारिक मंजूरी दी गई। इनमें राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के तीव्र विस्तार, युवाओं के कौशल उन्नयन, उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति, और कृषि सिंचाई नेटवर्क के आधुनिकीकरण के लिए करोड़ों रुपये का विशेष बजटीय प्रावधान शामिल है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
इस फैसले का समाज के विभिन्न वर्गों, राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने व्यापक स्वागत किया है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी दोनों ही खेमों के नेताओं ने इसे दलितों, शोषितों और वंचितों की आवाज रहे जननेता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया है। राज्यभर में समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर इस निर्णय पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।
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बिहार कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती अब राजकीय समारोह के रूप में मनेगी
पटना। बिहार सरकार ने राज्य के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती को आधिकारिक रूप से राजकीय समारोह के रूप में मनाने की ऐतिहासिक घोषणा की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मुख्य सचिवालय के कैबिनेट सभागार में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
कैबिनेट समन्वय विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बैठक के उपरांत संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि हर वर्ष 5 जुलाई को स्वर्गीय पासवान की जयंती पूरे राजकीय सम्मान के साथ मनाई जाएगी। पटना में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके अतिरिक्त पटना के उपयुक्त सार्वजनिक स्थल पर उनकी आदमकद कांस्य प्रतिमा स्थापित करने की योजना पर भी प्रशासनिक सहमति बन गई है।
बैठक में कुल 34 महत्वपूर्ण विकास प्रस्तावों को औपचारिक मंजूरी दी गई। इनमें राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के तीव्र विस्तार, युवाओं के कौशल उन्नयन, उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति, और कृषि सिंचाई नेटवर्क के आधुनिकीकरण के लिए करोड़ों रुपये का विशेष बजटीय प्रावधान शामिल है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
इस फैसले का समाज के विभिन्न वर्गों, राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने व्यापक स्वागत किया है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी दोनों ही खेमों के नेताओं ने इसे दलितों, शोषितों और वंचितों की आवाज रहे जननेता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया है। राज्यभर में समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर इस निर्णय पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।